उत्तराखंड – World News Express https://worldnewsexpress.in Tue, 09 Jun 2026 07:34:52 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://worldnewsexpress.in/wp-content/uploads/2026/06/cropped-World-News-Express-Site-Logo-32x32.png उत्तराखंड – World News Express https://worldnewsexpress.in 32 32 उत्तराखंड में नर्सिंग अधिकारियों के 196 पदों पर भर्ती, 12 जून से शुरू होंगे ऑनलाइन आवेदन https://worldnewsexpress.in/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%85%e0%a4%a7/ https://worldnewsexpress.in/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%85%e0%a4%a7/#respond Tue, 09 Jun 2026 07:34:52 +0000 https://worldnewsexpress.in/?p=3252 देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तराखंड चिकित्सा सेवा चयन बोर्ड (UKMSSB) ने स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग अधिकारी के 196 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इन पदों के लिए 12 जून 2026 से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी

बोर्ड की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, डिप्लोमा और डिग्रीधारक योग्य अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक उम्मीदवार बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पदों का वर्गवार विवरण

  • सामान्य वर्ग – 153 पद
  • अनुसूचित जाति (SC) – 21 पद
  • अनुसूचित जनजाति (ST) – 4 पद
  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 11 पद
  • आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) – 7 पद

भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन 12 जून से शुरू होंगे, जबकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 2 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

बोर्ड ने अभ्यर्थियों से आवेदन करने से पहले भर्ती विज्ञापन में दी गई पात्रता, आयु सीमा और अन्य शर्तों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने की अपील की है।

उत्तराखंड के स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

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आपदा प्रबंधन में यूकाड़ा की बड़ी पहल, 08 हेली कंपनी दे रही 80 घंटे की निःशुल्क उड़ान सेवा https://worldnewsexpress.in/ucadas-major-initiative-in-disaster-management-8-helicopter-companies-provide-80-hours-of-free-flight-services/ Thu, 04 Jun 2026 11:05:43 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3153 देहरादून। आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं एवं आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश में चारधाम यात्रा के लिए संचालित प्रत्येक हेली कंपनी द्वारा यूकाडा को 10-10 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनका उपयोग आपदा प्रबंधन, राहत एवं बचाव कार्यों में किया जा रहा है।

वर्तमान में चारधाम यात्रा में संचालित आठ हेली कंपनियों द्वारा कुल 80 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर उपलब्ध कराए गए हैं। इन घंटों का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी, एयर रेस्क्यू तथा दुर्गम क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इसी व्यवस्था के तहत अप्रैल माह से अब तक 100 से अधिक श्रद्धालुओं और जरूरतमंद लोगों को एयरलिफ्ट कर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा चुका है। वहीं, पिछले एक वर्ष में विभिन्न आपदा एवं रेस्क्यू अभियानों के दौरान 200 से अधिक लोगों का सफलतापूर्वक बचाव किया गया है।

पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, बादल फटने, अतिवृष्टि तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान हेलीकॉप्टर सेवाएं राहत एवं बचाव कार्यों की जीवनरेखा साबित होती हैं। मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन इन निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर का तत्काल उपयोग कर प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से राहत पहुंचा सकेगा। इससे आपदा प्रभावित लोगों तक समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही राहत एवं बचाव कार्यों की गति में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में सुरक्षित एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने की दिशा में यूकाडा की यह पहल एक अभिनव मॉडल के रूप में उभर रही है, जो भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।

यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए हेली कंपनियों के चयन की टेंडर प्रक्रिया के दौरान ही प्रत्येक कंपनी से 10 घंटे के निःशुल्क फ्लाइंग ऑवर का प्रावधान रखा गया था। इसका उद्देश्य मेडिकल इमरजेंसी, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे यात्रियों की सहायता तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए त्वरित हवाई सेवाएं उपलब्ध कराना था। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था आपदा प्रबंधन के साथ-साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।

यूकाडा के हेड ऑफ ऑपरेशन अमित शर्मा ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान बीमार पड़ने वाले अथवा चिकित्सकीय आपात स्थिति का सामना कर रहे श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित स्थानों और अस्पतालों तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 200 से अधिक लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया है, जबकि इस वर्ष चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ क्षेत्र से ही 100 से अधिक लोगों को मेडिकल इमरजेंसी के तहत एयर रेस्क्यू सुविधा प्रदान की गई है।

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कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने नवनियुक्त दायित्वधारियों को किया सम्मानित  https://worldnewsexpress.in/cabinet-minister-ganesh-joshi-honored-newly-appointed-office-bearers/ Thu, 04 Jun 2026 10:38:49 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3150 देहरादून। गोरखा कल्याण परिषद के अध्यक्ष ज्योति कोटिया तथा उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष शमशेर सिंह बिष्ट को सरकार में दायित्व दिये जाने पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। काबीना मंत्री ने कहा कि अनुभवी एवं समर्पित व्यक्तित्वों को विभिन्न दायित्व सौंपे जाने से राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को नई दिशा मिलेगी।

गुरुवार को अपने कैंप कार्यालय में आयोजित आभार कार्यक्रम के दौरान सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने गोरखा कल्याण परिषद के अध्यक्ष पद पर नियुक्त ज्योति कोटिया तथा उत्तराखण्ड पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के उपाध्यक्ष पद पर नियुक्त शमशेर सिंह बिष्ट को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उन्होंने दोनों पदाधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके सफल कार्यकाल की कामना की। मंत्री जोशी ने विश्वास व्यक्त किया कि ज्योति कोटिया और शमशेर सिंह बिष्ट अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ करेंगे तथा पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों की समस्याओं के समाधान एवं कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मंत्री जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा पूर्व सैनिक समुदाय से जुड़े अनुभवी लोगों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता और समाज के प्रति योगदान को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि गोरखा समाज का उत्तराखण्ड के विकास, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वहीं पूर्व सैनिकों ने अपने अनुशासन, नेतृत्व और सेवा भावना के बल पर समाज में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। ऐसे में इन संस्थाओं के माध्यम से पूर्व सैनिकों, वीर नारियों तथा उनके परिवारों के हितों को और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

इस अवसर पर दोनों दायित्वधारियों ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, वह उसके अनुरूप कार्य करते हुए पूर्व सैनिक समुदाय, वीर नारियों और उनके परिवारों के हितों की रक्षा तथा उनके कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष प्रदीप रावत, पार्षद कमली भट्ट, वंदना बिष्ट, सुरेंद्र राणा, दिनेश प्रधान, किरण, गोर्खाली सुधार सभा के अध्यक्ष पदमसिंह थापा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे

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मुख्यमंत्री ने 9.74 लाख लाभार्थियों को 176.59 करोड़ रूपये की पेंशन राशि हस्तांतरित की https://worldnewsexpress.in/the-chief-minister-transferred-pension-funds-amounting-to-%e2%82%b9176-59-crore-to-9-74-lakh-beneficiaries/ Thu, 04 Jun 2026 10:03:15 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3144 राज्य स्तरीय जागरूकता कार्यशाला में नशा मुक्ति एवं वरिष्ठ नागरिक सम्मान की दिलाई शपथ

जन कल्याण और समामाजिक न्याय के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध- मुख्यमंत्री

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को सर्वे चौक स्थित आई. आर.डी. टी सभागार में राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता अभिमुखीकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं के तहत माह मई 2026 की पेंशन वन क्लिक के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में हस्तांतरित की। 09 लाख 74 हजार 338 लाभार्थियों के खाते में कुल 176 करोड़ 59 लाख 24 हजार की धनराशि का हस्तांतरण किया गया। इस अवसर पर उन्होंने नशा मुक्त अभियान एवं वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और देखभाल की शपथ भी दिलाई। मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय सामूहिक जागरूकता कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यशाला सामाजिक कल्याण योजनाओं को समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति को बिना किसी भेदभाव, देरी और बाधा के योजनाओं का लाभ प्रदान करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मंत्र के साथ देश में जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। जन-धन योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना और मुफ्त राशन योजना जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है। वहीं स्टैंड-अप इंडिया, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, दीनदयाल अंत्योदय योजना और राष्ट्रीय आजीविका मिशन के माध्यम से वंचित वर्गों को स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के अवसर प्राप्त हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय को सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अंत्योदय परिवारों को प्रतिवर्ष तीन गैस सिलेंडर निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। दिव्यांग कार्मिकों का वाहन भत्ता बढ़ाया गया है। स्वयं सहायता समूहों को ‘लखपति दीदी योजना’ एवं कौशल विकास कार्यक्रमों से जोड़कर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। ‘मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना’, ‘मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना’, ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तथा ‘अपणि सरकार पोर्टल’ के माध्यम से विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। राष्ट्रीय खेलों और जी-20 बैठकों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को वैश्विक पहचान मिली है, जबकि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं। राज्य में शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ ही केदारखंड एवं मानसखंड मंदिर माला मिशन पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। शारदा कॉरिडोर, ऋषिकेश-हरिद्वार कॉरिडोर, यमुना कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर एवं गोल्ज्यू कॉरिडोर पर भी कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य की आर्थिकी डेढ़ गुना बढ़ी है तथा बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राज्य की बेरोजगारी दर में 4.4 प्रतिशत की रिकॉर्ड कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। राज्य का बजट आकार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। होम-स्टे, उद्योग, स्टार्टअप, हेलिपोर्ट एवं बिजली उत्पादन के क्षेत्र में दो से तीन गुना तक वृद्धि दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) सूचकांक में उत्तराखंड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। भारत सरकार के सार्वजनिक वित्तीय प्रदर्शन सूचकांक में विशेष श्रेणी राज्यों में उत्तराखंड दूसरे स्थान पर रहा है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य को ‘अचीवर्स’ तथा स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर्स’ श्रेणी प्राप्त हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा विरोधी कानून एवं सख्त भू-कानून लागू किए गए हैं। सरकार द्वारा 11 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। नकल विरोधी कानून लागू होने के बाद पिछले साढ़े चार वर्षों में 33 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चार सूत्रीय रणनीति पर बल देते हुए कहा कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, सरकारी प्रक्रियाओं का सरलीकरण, तकनीक का अधिकतम उपयोग तथा नियमित मॉनिटरिंग एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने आयोगों, परिषदों एवं समितियों के सदस्यों से जिलों और दूरस्थ क्षेत्रों का नियमित भ्रमण कर जमीनी स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, भरत चौधरी, विधायक श्रीमती सविता कपूर, श्रीमती पार्वती दास, भूपाल राम टम्टा, सचिव श्रीधर बाबू अद्दांकी, अपर सचिव प्रकाश चन्द्र, विभिन्न्न आयोगों, परिषदों एवं समितियों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष मौजूद थे।

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मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने किया बजरंग सेतु का निरीक्षण https://worldnewsexpress.in/chief-secretary-anand-vardhan-inspects-bajrang-setu/ Thu, 04 Jun 2026 09:44:42 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3138 देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्धन व सचिव पंकज पांडे ने टिहरी गढ़वाल क्षेत्रांतर्गत तपोवन स्थित बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ओम प्रकाश द्वारा सेतु की इंजीनियरिंग संरचना, तकनीकी विशेषताओं एवं निर्माण संबंधी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। मुख्य सचिव ने परियोजना की प्रगति एवं सुरक्षा मानकों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्य सचिव ने नरेंद्रनगर विकासखंड अंतर्गत प्लास्डा स्थित हिलान्स हिमालयन भोजनालय का निरीक्षण किया। हिलान्स हिमालयन भोजनालय की संचालक बीना पुंडीर द्वारा भोजनालय में प्रतिदिन आने वाले ग्राहकों एवं दैनिक बिक्री से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही रीप परियोजना से छह लाख, बैंक लोन तीन लाख एवं सीएलएफ कंट्रीब्यूशन एक लाख से अवगत कराया।

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने भोजनालय परिसर के आसपास अधिकाधिक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने तथा मेनू को स्पष्ट एवं सुव्यवस्थित रूप से डिस्प्ले करने के निर्देश दिए, जिससे पर्यटकों एवं आगंतुकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि स्थानीय स्तर पर पर्यटन एवं आजीविका से जुड़े ऐसे प्रयासों को और अधिक सशक्त किया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को गति मिल सके।

इस निरीक्षण के दौरान डॉ पंकज कुमार पांडेय (सचिव लोक निर्माण विभाग, औद्योगिक , खनन एवं आयुष विभाग), जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल, एसएसपी श्वेता चौबे, तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, एसडीएम नरेंद्रनगर आशीष घिडियाल, डीडीओ मो. असलम, ईओ तपोवन अंजलि, बीडीओ श्रुति वत्स आदि संबंधित उपस्थित रहे।

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कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक https://worldnewsexpress.in/agriculture-minister-ganesh-joshi-held-a-review-meeting-with-officials-from-the-agriculture-and-horticulture-departments/ Thu, 04 Jun 2026 06:53:43 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3126 ‘खेत बचाओ अभियान’ को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों की भागीदारी पर जोर

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि और उद्यान योजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया तथा अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक के दौरान मंत्री ने 1 जून से 30 जून तक चलाए जा रहे देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ को उत्तराखंड में सफलतापूर्वक लागू करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान का संदेश प्रदेश के प्रत्येक किसान तक पहुंचाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

कृषि मंत्री ने हाल ही में हुई असमय वर्षा से फसलों को हुए नुकसान का शीघ्र सर्वेक्षण कर प्रभावित किसानों को निर्धारित मानकों के अनुरूप मुआवजा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने एप्पल मिशन के तहत किसानों को मिलने वाली राजसहायता का भुगतान जल्द करने और सेब पैकिंग बॉक्स की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

बैठक में पॉलीहाउस निर्माण कार्यों को तेज गति से पूरा करने पर भी बल दिया गया। मंत्री ने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए इन परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही घेरबाड़ योजना के लिए प्राप्त 25 करोड़ रुपये की सहायता राशि का लाभ प्रदेश के किसान भाई-बहनों तक शीघ्र पहुंचाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए। मंत्री ने कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा सभी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।

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आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को मिली रफ्तार, जून तक पूरे होंगे सभी लंबित कार्य https://worldnewsexpress.in/adhat-market-redevelopment-project-gains-momentum-all-pending-works-to-be-completed-by-june/ Thu, 04 Jun 2026 04:51:27 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3111 एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने तय की समयसीमा, रजिस्ट्री से लेकर निर्माण कार्यों तक होगी सख्त मॉनिटरिंग

प्रतिकर लेने के बावजूद कब्जा नहीं छोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई, खुद स्थलीय निरीक्षण करेंगे उपाध्यक्ष

देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वाकांक्षी आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना को अब नई गति मिलने जा रही है। राजधानी के सबसे महत्वपूर्ण शहरी पुनर्विकास कार्यों में शामिल इस परियोजना के लंबित कार्यों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सख्त रणनीति तैयार कर ली है।  एमडीडीए सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में परियोजना की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया और सभी विभागों को जून 2026 तक लंबित कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकताओं में शामिल इस परियोजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि परियोजना केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि राजधानी देहरादून के भविष्य की व्यापारिक और शहरी संरचना को नई दिशा देने वाली योजना है। ऐसे में सभी संबंधित विभागों को तय समयसीमा के भीतर अपने दायित्व पूरे करने होंगे।

रजिस्ट्री प्रक्रिया में लाई जाएगी तेजी
समीक्षा बैठक में प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया को लेकर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि अधिकांश मामलों में प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है, जबकि कुछ रजिस्ट्रियां अभी शेष हैं। इस पर उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। इसके लिए प्रत्येक बुधवार और शनिवार को विशेष रूप से रजिस्ट्री कार्य संपादित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों को अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।

निर्माण कार्यों की होगी नियमित निगरानी
समीक्षा बैठक में कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए कि परियोजना के अंतर्गत शेष सभी निर्माण कार्य जून 2026 तक हर हाल में पूरे किए जाएं। उपाध्यक्ष ने कहा कि राजधानी की व्यापारिक गतिविधियों को आधुनिक स्वरूप देने वाली इस परियोजना की गुणवत्ता और समयसीमा दोनों अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने तथा प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। साथ ही निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की तकनीकी या प्रशासनिक बाधा आने पर तत्काल समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

आलयम आवासीय योजना पर भी फोकस
आढ़त बाजार परियोजना के साथ-साथ एमडीडीए की आलयम आवासीय योजना की भी समीक्षा की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि योजना के शेष निर्माण कार्य जून माह तक पूरे किए जाएं और पात्र लाभार्थियों को आवासों का कब्जा देने की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए। उपाध्यक्ष ने कहा कि आम नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना सरकार और प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

18 करोड़ से स्थानांतरित होंगी आधारभूत सुविधाएं
बैठक में वर्तमान आढ़त बाजार क्षेत्र में मौजूद विद्युत लाइनों और अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की प्रगति पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शासन स्तर से स्वीकृत लगभग 18 करोड़ रुपये की धनराशि लोक निर्माण विभाग को शीघ्र हस्तांतरित की जाए, ताकि तकनीकी कार्यों में देरी न हो। एमडीडीए का मानना है कि आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण के बाद परियोजना का अगला चरण और तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

प्रतिकर लेने के बाद भी कब्जा रखने वालों पर सख्ती
समीक्षा बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ प्रभावित व्यक्तियों ने प्रतिकर राशि प्राप्त कर ली है, लेकिन उनके निर्माण अब तक नहीं हटाए गए हैं। इस पर उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे मामलों का वे स्वयं स्थलीय निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण के बाद नियमानुसार कार्रवाई करते हुये बल पूर्वक ध्वस्तीकरण की कार्यवाही की जायेगी । उन्होंने स्पष्ट किया कि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी और सार्वजनिक हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

राजधानी को मिलेगी नई व्यापारिक पहचान
आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना के पूर्ण होने के बाद राजधानी देहरादून को आधुनिक, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त व्यापारिक केंद्र के रूप में नई पहचान मिलेगी। इससे व्यापारियों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी, यातायात व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी और क्षेत्र के समग्र शहरी विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह परियोजना देहरादून के सुनियोजित विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। बैठक में एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया, संयुक्त सचिव प्रत्यूष, वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधीक्षण अभियंता अतुल गुप्ता, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, लेखपाल नजीर अहमद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से अधिशासी अभियंता राजेश कुमार एवं सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने भी बैठक में भाग लिया।

परियोजना समय पर पूरी करना सर्वोच्च प्राथमिकता : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है और इसे तय समयसीमा में पूरा करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। समीक्षा बैठक में सभी संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों को जून 2026 तक हर हाल में पूरा किया जाए। प्रभावित परिसंपत्तियों की रजिस्ट्री प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। विद्युत लाइनों एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण से जुड़े कार्यों को भी शीघ्र पूरा कराया जाएगा। जिन लोगों ने प्रतिकर राशि प्राप्त कर ली है लेकिन अब तक प्रभावित निर्माण नहीं हटाए हैं, उनके मामलों का मैं स्वयं स्थलीय निरीक्षण करूंगा। हमारा लक्ष्य है कि यह परियोजना समयबद्ध तरीके से पूरी हो और देहरादून को आधुनिक एवं व्यवस्थित व्यापारिक अवसंरचना उपलब्ध हो।

नियमित मॉनिटरिंग से पूरी होगी परियोजना : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा आढ़त बाजार पुनर्विकास परियोजना की प्रगति की लगातार समीक्षा की जा रही है। बैठक में सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा किया जाए। रजिस्ट्री प्रक्रिया, निर्माण कार्यों और आधारभूत सुविधाओं के स्थानांतरण की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। विभागीय स्तर पर समन्वय को और मजबूत बनाया गया है ताकि परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए। हमारा प्रयास है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी कार्य पूरे कर प्रभावितों और लाभार्थियों को परियोजना का लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

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उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन अब करेगा सोलर रूफटॉप परियोजनाओं का संचालन https://worldnewsexpress.in/the-uttarakhand-state-cooperative-union-will-now-operate-solar-rooftop-projects/ Wed, 03 Jun 2026 12:21:21 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3105 पीसीयू की बैठक में बड़े फैसले, सहकारिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की तैयारी

देहरादून। उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन (पीसीयू) की प्रबंध समिति की बैठक देहरादून स्थित पीसीयू कार्यालय सभागार में अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में संघ के वर्तमान कार्यों, भविष्य की योजनाओं, नए व्यवसायिक अवसरों तथा सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में संघ के लिए नए बिजनेस प्लान विकसित कर आय के स्रोतों में वृद्धि करने पर विशेष जोर दिया गया। सदस्यों ने विचार व्यक्त किया कि बदलते समय के अनुरूप नवाचार आधारित योजनाओं को अपनाकर संघ को आर्थिक रूप से और अधिक सशक्त बनाया जाए। इसके साथ ही उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की सदस्यता प्राप्त करने हेतु विभिन्न सहकारी समितियों से प्राप्त आवेदनों पर विचार किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संघ अपनी सदस्यता का विस्तार करते हुए अधिकाधिक सहकारी संस्थाओं को अपने साथ जोड़ेगा।

वित्तीय वर्ष 2026-27 में सहकारिता विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन हेतु वर्षभर का विस्तृत प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार कर निबंधक, सहकारी समितियां कार्यालय को प्रेषित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे वर्ष विभिन्न स्तरों पर सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, कर्मचारियों एवं अधिकारियों के क्षमता विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

बैठक में केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था एनसीयूआई की तर्ज पर उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन की सदस्य समितियों के लिए वार्षिक सदस्यता शुल्क को ₹5,000 से घटाकर ₹2,000 किए जाने पर सहमति बनी। इस निर्णय का उद्देश्य अधिकाधिक समितियों को संघ से जोड़ना तथा सहकारिता आंदोलन को व्यापक आधार प्रदान करना है।

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना रहा। उत्तराखंड प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन को राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए राज्य स्तरीय नोडल एजेंसी एवं परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) घोषित किया गया है। इसके अंतर्गत यूनियन राज्य की समस्त शीर्ष सहकारी संस्थाओं, जिला सहकारी बैंकों तथा अन्य सहकारी समितियों में सोलर रूफटॉप परियोजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य करेगी। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर उपस्थित संचालक मंडल के सदस्यों ने तालियां बजाकर हर्ष व्यक्त किया।

बैठक में केंद्रीय शीर्ष सहकारी संस्था एनसीयूआई के लिए प्रदीप चौधरी को नामित किए जाने पर भी सहमति प्रदान की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रामकृष्ण मेहरोत्रा ने कहा कि संघ को मजबूत बनाने के लिए नए बिजनेस मॉडल विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की सहकारिता आधारित समृद्धि की परिकल्पना को साकार करने तथा मुख्यमंत्री एवं सहकारिता मंत्री द्वारा निर्धारित रोडमैप के अनुरूप कार्य करते हुए सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाएगा।

इस अवसर पर इफ्को संस्था में डायरेक्टर बनाए जाने पर उमेश त्रिपाठी और प्रदीप चौधरी का अध्यक्ष महोदय प्रबंध निदेशक महोदय और संचालक मंडल द्वारा पुष्प कुछ भेंट कर शुभकामनाएं दी गई।

बैठक में उपाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह बिष्ट, प्रबंध निदेशक एम.पी. त्रिपाठी, प्रदीप कुमार, श्रीमती शांति, ममता मेहरोत्रा, गोपाल सिंह बोरा, सुभाष चंद्र रमोला, श्रीमती सुप्रिया चौहान, राजेंद्र सिंह, मनोज सिंह सामंत, सार्थक त्रिपाठी, सुरेंद्र सिंह, करणवीर सिंह तथा चंद्र सिंह थापा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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बीडीओ ग्राम पंचायतों की व्यवस्था को स्वयं जांचकर ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने पर दें जोर- डीएम https://worldnewsexpress.in/bdos-should-personally-inspect-the-functioning-of-gram-panchayats-and-prioritize-making-villagers-self-reliant-dm/ Wed, 03 Jun 2026 10:17:29 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3092 महिलाओं, किसानों और युवाओं की आय बढ़ाने पर फोकस, विकास योजनाओं की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

अनुपयोगी भवन बनेंगे रोजगार और आजीविका के नए केंद्र, बचेगा समय और धन

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित समस्त खंड विकास अधिकारियों की मासिक समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास, वीबी जी राम जी, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), उद्यान, पशुपालन तथा आंगनबाड़ी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने, ग्रामीण आजीविका के अवसर बढ़ाने तथा स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के लिए समन्वित एवं परिणामोन्मुखी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि विभिन्न विभागों के कई भवन वर्तमान में अनुपयोगी पड़े हैं। ऐसे भवनों की पहचान के लिए उपजिलाधिकारियों के माध्यम से सर्वेक्षण कर सूची तैयार कर ली गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि इन भवनों का उपयोग आवश्यकता के अनुसार कोल्ड स्टोरेज, संग्रहण केंद्र, ग्रोथ सेंटर, प्रशिक्षण केंद्र, विपणन केंद्र एवं अन्य आजीविका आधारित गतिविधियों के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि निष्क्रिय ग्रोथ सेंटरों की समीक्षा कर उन्हें उपयुक्त स्थानों पर संचालित किया जाए तथा स्थानीय उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन से जोड़ा जाए। इससे ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग से समय और धन दोनों की बचत होगी।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को केवल उत्पादन गतिविधियों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके उत्पादों के ब्रांडिंग, पैकेजिंग एवं विपणन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने डेयरी, मशरूम उत्पादन, सब्जी उत्पादन, फल संरक्षण, मसाला निर्माण, सुगंधित पौधों तथा पुष्प उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आय बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को ग्राम संगठनों का नियमित निरीक्षण करने तथा उनकी गतिविधियों की सतत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादन एवं डेयरी गतिविधियां प्रभावी रूप से संचालित हो रही हैं, वहां डेयरी क्लस्टर विकसित किए जाएं तथा पशुओं के लिए गुणवत्तापूर्ण चारा उपलब्ध कराने हेतु उपयुक्त भूमि का चिन्हीकरण कर चारा विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र में सामूहिक प्रयासों से ग्रामीण परिवारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

बैठक में बीडीओ पौड़ी एवं खिर्सू को स्थानीय स्तर पर सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देने, किसानों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने तथा उत्पादित सब्जियों की आपूर्ति पौड़ी, श्रीनगर एवं अन्य बाजारों तक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं बीरोंखाल विकासखंड में जिन क्षेत्रों में अभी तक स्वयं सहायता समूह गठित नहीं हुए हैं, वहां 15 दिनों के भीतर समूह गठन, मैपिंग एवं पोर्टल अपडेट की कार्रवाई पूर्ण करने को कहा गया।

लखपति दीदी योजना एवं आजीविका पैकेज की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकाधिक महिलाओं को इन योजनाओं से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि योजना से जुड़ी महिलाओं की वास्तविक आय का आकलन कर योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन किया जाए तथा विकासखंड स्तर पर संचालित गतिविधियों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि योजनाओं के अपेक्षित परिणाम प्राप्त हो सकें।

उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों को कीवी एवं अन्य उच्च मूल्य वाली फसलों के संबंध में नियमित प्रशिक्षण देने, पॉलीहाउस आधारित खेती को बढ़ावा देने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों से नियमित फीडबैक प्राप्त कर योजनाओं की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया जाए और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।

जिलाधिकारी ने हिलांस आउटलेट के माध्यम से स्थानीय उत्पादों की घर-घर आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों को अचार, जूस, चटनी, मशरूम, मसाले, फल संरक्षण उत्पाद तथा अन्य स्थानीय उत्पादों के उत्पादन एवं विपणन के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही चारधाम यात्रा के दौरान एनआरएलएम समूहों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि स्थानीय संस्कृति, लोककला और पारंपरिक शिल्प पर आधारित स्मृति चिह्न एवं उपहार सामग्री तैयार कर यात्रियों के लिए उपलब्ध करायी जाए, जिससे स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार मिले और समूहों की आय में वृद्धि हो।

वीबी जी राम जी के कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को तीन दिनों के भीतर उपजिलाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित ऐसे छोटे लेकिन आवश्यक कार्य, जो अभी तक किसी अन्य योजना अथवा मद से स्वीकृत नहीं हो पाए हैं, उन्हें चिन्हित कर प्राथमिकता के आधार पर मनरेगा में शामिल किया जाए। साथ ही ऐसे कार्यों की सूची तैयार कर उन पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रभावित क्षेत्रों को समयबद्ध राहत एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायी जा सकें।

उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक अधिकारी प्रतिमाह कम से कम 20 ग्राम पंचायतों का भ्रमण करें, जनसमस्याओं को सुनें, विकास कार्यों का निरीक्षण करें तथा उसकी सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय भ्रमण के माध्यम से योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन होगा और समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।

आंगनबाड़ी भवन निर्माण से जुड़े लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने भूमि चयन की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने ऐसे पांच विकासखंड चिन्हित करने को कहा जहां फल एवं सब्जी उत्पादन की पर्याप्त संभावनाएं हों तथा सड़क संपर्क बेहतर हो, ताकि वहां कोल्ड स्टोरेज स्थापित कर किसानों को फसल संरक्षण एवं बेहतर विपणन की सुविधा उपलब्ध करायी जा सके।

मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि ग्रामीण विकास की योजनाओं का उद्देश्य केवल आधारभूत सुविधाओं का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, नवाचार, बेहतर समन्वय एवं नियमित निगरानी के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

बैठक में जिला विकास अधिकारी मनविंदर कौर, जिला पंचायत राज अधिकारी जितेंद्र कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. विशाल शर्मा, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी सहित समस्त खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास https://worldnewsexpress.in/the-chief-minister-inaugurated-and-laid-the-foundation-stones-for-three-schemes-worth-%e2%82%b929-78-crore/ Wed, 03 Jun 2026 09:56:26 +0000 https://indiatimesgroup.in/?p=3087 अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक

ऋषिकेश। देश की आत्मा गाँवों में बसती है, तो हमारे नागरिकों के सपने, उनकी आकांक्षाएँ और उनके भविष्य की संभावनाएँ शहरों में आकार लेती हैं। यह बात मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकेश में आयोजित अखिल भारतीय महापौर परिषद की 117वीं बैठक में कही। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 29.78 करोड़ की 3 योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। जिसमें 23.15 करोड़ की एक योजना का लोकार्पण एवं 6.63 करोड़ की दो योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

स्थानीय होटल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न शहरों के मेयर का स्वागत करते हुए कहा कि सभी मेयर अपने शहर के प्रथम नागरिक और शहरवासियों की आशाओं, अपेक्षाओं और विश्वास के भी प्रतिनिधि हैं। आपके निर्णय का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों के भविष्य पर भी पड़ता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में इस वर्ष चार धाम यात्रा में अब तक कुल 45 दिनों में 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की है,जो एक नया रिकॉर्ड है।
मुख्यमंत्री ने कहा हमारी प्राथमिकता है कि श्रद्धालुओं की यात्रा सरल, सुगम , सुरक्षित हो। उन्होंने कहा पहले, आदि कैलाश में 500 लोग आते थे, इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक प्रति दिन करीब 1000 लोग आदि कैलाश पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया मां पूर्णागिरि मंदिर में भी 24 लाख लोगों ने दर्शन कर लिए हैं। बीते चार सालों में 23 करोड़ से ज्यादा पर्यटक उत्तराखंड आ चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में शहरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किए जा रहे हैं। आज स्वच्छ भारत मिशन के माध्यम से देश के लाखों शहरों में साफ-सफाई की नई संस्कृति विकसित हुई है। स्मार्ट सिटी मिशन द्वारा आधुनिक एवं सुव्यवस्थित शहरी विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने का कार्य हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देवभूमि उत्तराखंड के शहरों के विकास को नई गति दी जा रही है। उत्तराखंड में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत प्रत्येक नगर में ठोस कचरा प्रबंधन और सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। स्मार्ट सिटी मिशन, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन, खुले में शौच मुक्त अभियान और लीगेसी वेस्ट प्रबंधन जैसी विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उत्तराखंड के प्रत्येक नागरिक को दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी क्षेत्रों के गरीब परिवारों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश में पहली बार नगर निकायों में अर्बन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। राज्य में निराश्रित गौवंशों को आश्रय प्रदान करने के उद्देश्य से आश्रय योजना प्रारम्भ की है। स्थानीय निकायों में श्वानों की बढ़ती संख्या की रोकथाम हेतु एनिमल बर्थ कंट्रोल योजना की शुरुआत की है। हरित क्षेत्रों के विकास और प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में भी प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे शहर, दुनिया के समक्ष देश की वास्तविक छवि भी प्रस्तुत करते हैं। शहर सुव्यवस्थित, स्वच्छ, सुरक्षित और विकसित होंगे तो भारत की छवि भी सशक्त, समृद्ध और अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित होगी। उन्होंने कहा शहर स्वच्छ होगा तो पूरा भारत स्वच्छ होगा। शहर सुव्यवस्थित होगा, तो पूरा देश सुव्यवस्थित होगा। उन्होंने कहा प्रत्येक शहर सशक्त, सुरक्षित और समृद्ध होगा, तो भारत विकसित राष्ट्र अवश्य बनेगा।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि विकसित भारत 2047 तर्ज पर हम भी विकसित उत्तराखंड को आगे बढ़ने का काम कर रहे हैं। विकसित भारत की कल्पना को पूरा करने में महानगर को विकसित करने, आत्मनिर्भर बनाने, सौर ऊर्जा, कूड़ा प्रबंधक , रेनवाटर हार्वेस्टिंग, लोकल एवं छोटे उद्योग की स्थापना एवं आत्मनिर्भर महानगर की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने नगर निगम, ऋषिकेश में ₹1.80 करोड़ की लागत से बने पीपीपी मोड़ पर 10 स्थानों पर ई.वी. चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण कार्यों एवं 4.83 करोड़ की लागत से ऋषिकेश के 12 स्थानों पर वर्षा जल का संचय कार्यों का शिलान्यास किया।
उन्होंने ₹ 23.15 करोड़ की लागत से नगर निगम ऋषिकेश के सॉलिड वेस्ट मैनेजमेन्ट योजनान्तर्गत कम्पोस्ट प्लांट एवं सैनेट्री लैन्डफिल साईट लाल पानी बीट निर्माण कार्य का शिलान्यास किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्थलों का भी अवलोकन किया।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा, विधायक प्रेमचंद्र अग्रवाल, मेयर शंभू पासवान, श्रीमती रेनू बाला गुप्ता, आशुतोष एवं देशभर के विभिन्न शहरों से मेयर उपस्थित रहे।

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