मेरठ के चर्चित छात्र हत्याकांड में पुलिस को जांच के दौरान एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। मुख्य आरोपी के भाई को कथित तौर पर मामले से जुड़े अहम साक्ष्यों को नष्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान ऐसे सबूत मिले हैं जिनसे पता चलता है कि आरोपी के भाई ने वारदात के बाद अपराध से जुड़े साक्ष्य मिटाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश की। इसी आधार पर उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है और अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के भाई की भूमिका केवल घटना के बाद की गतिविधियों तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह अपराध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने में भी शामिल हो सकता है। जांच एजेंसियां इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और अन्य तकनीकी प्रमाणों की मदद से पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि छात्र हत्याकांड में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।


